संजय चौधरी की कविताएं – चयन, मराठी से अनुवाद और प्रस्तुति : स्वरांगी साने
स्वरांगी साने की कविताएं अनुनाद छापते हुए मैंने उनसे मराठी से अनुवाद के लिए अनुरोध किया था और उन्होंने कुछ अनुवाद
स्वरांगी साने की कविताएं अनुनाद छापते हुए मैंने उनसे मराठी से अनुवाद के लिए अनुरोध किया था और उन्होंने कुछ अनुवाद
सरकारी नौकरी में कई लोग ऐसा ही महसूस करते हैं, जैसा अमित की ये कविता महसूस कराती है। ये सीधे-सीधे वाक्य
कविता के इलाक़े में नई आवाज़ों के सिलसिले हैं। उसी सिलसिले से स्वरांगी साने की ये कविताएं। इन कविताओं को छापते
कवि मित्र अशोक को पिछले दिनों पंकज सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा हुई है और कल मुझे ईमेल
हर दूसरा आदमी या तो कुफ्र है है या देशद्रोही – अरुण देव की कविता हमारे समय का बयान हैं। यहां
वक्तव्य दो बातें बहुत ज़रूरी हैं – लगातार लिखते रहकर अपने समय को जितना हो सके दर्ज करते रहना और
अनिल की आंचलिकता से भ्रमित मत होइए, वह अपनी कविताओं के जाहिर दिख रहे स्थानीय आख्यानों में हमारे जीवन और वैचारिकी
गहरे आक्रोश में डूबी ये कविताएं, कविता होने के पारम्परिक विधान को भी मुंह चिढ़ाती हैं। इनके कथ्य पर बहस हो
‘वो तकनीक के साए में ज्ञान से ठगे गए’ – नब्बे के दशक लौंडे शीर्षक इस कविता के कुछ रेखांकित किए
बहुत पहले रोहित रूसिया के कुछ नवगीत अनुनाद पर छपे थे। आज प्रस्तुत हैं जनवादी लेखक संघ से जुड़े कार्यकर्ता बृजेश