अनुनाद

समाज और संस्कृति

ये कैसी हूक सी उठती है ख़ामोशी के सीने से…आत्मा को मथता आर्तनाद/ जगजीत सिंह पर कौशलेन्द्र सिंह का लेख

स्मृति की रेखाएँ जीवन में जितना पीछे जाती हैं एक धुंधली सी तस्वीर उभरती है, जहाँ किसी यात्रा में मैं वाहन

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कुमाउनी लोक-साहित्य में घुघुत- संजय घिल्डियाल

पाश्चात्य ज्ञान मीमांसा मुख्य रूप से सामाजिक परिदृश्य तथा प्राकृतिक क्षेत्र के मध्य विरोध पर आधारित है।1 ऐसा विरोध पारिस्थितिक परिप्रेक्ष्य

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उत्तम वाग्गेयकार कुमार गंधर्व : रवि जोशी

                         “ पंडित  शाङ्ग॔देव द्वारा वर्णित उत्तम वाग्गेयकार के रूप में                                               पंडित कुमार गन्धर्व का स्थान ” १३ वीं शताब्दी

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