गौतम राजरिशी की पांच ग़ज़लें
इन ग़ज़लों में नए प्रयोग हैं। सायास हिंदीपन नहीं, बोली-बानी का अहसास ज़रूर है। हिंदी में ग़ज़ल कहना मुश्किल बात है
इन ग़ज़लों में नए प्रयोग हैं। सायास हिंदीपन नहीं, बोली-बानी का अहसास ज़रूर है। हिंदी में ग़ज़ल कहना मुश्किल बात है
1. दुनिया के सारे धर्मग्रंथ कर दिए जाएं तहख़ानों के हवाले (भले ही कुछ समय के लिए) और पढ़े जाएं सिर्फ़
हरेप्रकाश उपाध्याय की कविताओं का इंतज़ार, अनुनाद के लिए बहुत पुराना इंतज़ार था। अब जाके पूरा हुआ। कठिन प्रखर प्रतिभा, सख़्त
सुपरिचित कथाकार-कवि वंदना शुक्ल इस बार अनुनाद के लिए संगीत का अनुपम उपहार लायीं तो लगा किसी अमर प्रतीक्षा का सुफल
अरुण श्री की कविताएं संभवत: मैंने पहली बार असुविधा ब्लाग पर पढ़ी और वे मुझे लगा कि इधर फेसबुक पर तैयार
शैलजा पाठक की ये कविताएं मेल में मिलीं। इन्हें पढ़ना शुरू किया तो लगा एक अनगढ़ वृत्तान्त के कई सिरे खुलते
कमल जीत चौधरी हिंदी की युवतर कविता में अब एक ख़ूब जाना-पहचाना नाम है। हिंदी की बड़ी पत्रिकाओं ने ख़ुद को
अशोक का दूसरा संकलन अभी आया ही है कि उसकी इधर की कविताओं के शिल्प में फिर एक नई तोड़-फोड़ दिखाई
सुपरिचित युवा कवि-कथाकार विमलेश इन दिनों प्रेम कविताओं के संग्रह की तैयारी में हैं। ये कविताएं उसी संग्रह की पांडुलिपि से।
इनमें से कुछ कविताएं छपी, कुछ अनछपी हैं। कई बार अपनी कविताएं खो चुका हूं सो साल में एक बार अनुनाद