के पी सिंह के कम्प्यूटर कविता वालपेपर – वीरेन डंगवाल की कविताएं और एक शुभकामना
मैंने दो पोस्ट पहले थकान और कुछ निजी वजहों से अनुनाद पर गतिविधियों के शिथिल रहने की बात कही थी, मेरा
मैंने दो पोस्ट पहले थकान और कुछ निजी वजहों से अनुनाद पर गतिविधियों के शिथिल रहने की बात कही थी, मेरा
के पी सिंह नामक एक सज्जन ने मुझे आठ कविता वालपेपर अपनी इस टिप्पणी के साथ भेजे हैं – ”इस तरह
अँधेरे के वे लोग अँधेरे में छिपे वे लोग कभी दिखते नहीं दिन के उजालों में भी अदृश्य वे सड़क
आज साथी कवि तुषारधवल का जन्मदिन है और अनुनाद इस मौके पर उनकी चर्चित कविता काला राक्षस का पुनर्प्रकाशन कर रहा
कविता का नियमित पाठक और कार्यकर्ता होने के नाते मैं कहना चाहता हूं कि युवा कवि नित्यानन्द गायेन की कविताओं ने
साथी कवि अशोक कुमार पांडेय ने अपने पहले संग्रह ‘लगभग अनामंत्रित’ के बाद कहन का रूप कुछ बदला है। उसकी कविता
सुषमा नैथानी की कविताएं लम्बे अंतराल के बाद अनुनाद पर आ रही हैं। वे उन कवियों में हैं, जिन्हें अनुनाद उपलब्धि
कमल जीत चौधरी की कविताओं के प्रकाशन के बाद अनुनाद को जम्मू-कश्मीर से कई कवियों की कविताएं मेल द्वारा मिल रही
युवा कवि विमलेश त्रिपाठी की यह कविता अनुनाद पर लम्बी कविताओं के प्रसंगों का एक महत्वपूर्ण अंग बनने जा रही है।
कमलजीत चौधरी कमल जीत चौधरी मेरे लिए अग्निशेखर के बाद कविता में जम्मू की एक अत्यन्त महत्वपूर्ण किन्तु अलहदा आवाज़ है।