अनुनाद

कविता

पांच कविताएं : स्‍थायी होती है नदियों की याददाश्‍त , मुश्किल दिन की बात ,सुबह हो रही है ,किसी ने कल से खाना नहीं खाया है और सांड़

स्‍थायी होती है नदियों की याददाश्‍त कितनी बारिश होगी हर कोई पूछ रहा है कुछ पता नहीं हर कोई बता रहा

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कविता की टिहरी डूब गई

इधर कुछ समय से उत्‍तराखंड में तथाकथित विकास के प्रबल पक्षधर बनकर सामने आए मेरे बहुत प्रिय वरिष्‍ठ कवि लीलाधर जगूड़ी के लिए सादर

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आशुतोष दुबे की कविताएं

अनुनाद पर निरन्‍तर काम करते रहने का सुफल कभी-कभी यूं भी मिलता है जैसे मेरे प्रिय कविमित्र आशुतोष दुबे ने अपनी

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