बकरी चराती लड़की
धूप उतर जाती है उसके
कपड़ो पर
ओढ़नी बनाकर ढ़क लेती है
धूप से अपनी देह को वह
ताकि पहाड़ों का मौसम चोट
न पहुंचा सके
उसके
कच्चे बदन को
क्या पता कब बदल जाए
पहाड़ों का मौसम
कब टूट के गिर जाएं बादल
कब सरक जाए
मिट्टी के पहाड़
पत्थरों से कटी हुई
सँकरी सी पगडंडी
जिससे गुज़रती है
पीठ पर लादकर
बकरी के बच्चे को
जिसे देखने पर
थरथराने लगते है पाँव
कंपकपाती है देह
रोंगटें खड़े हो जाते हैं
चमड़ी के
अचानक गायब हो जाती है
बकरें के संग वो
पहाड़ों की चोटियों में
उसे ढूंढ पाना मुश्किल है
***

ठाकुर की हवेलियां
ठाकुर की हवेलियों में
इंसान कम
कबूतर ज्यादा रहते है
दीवारों से चिपके रहते है
चमगादड़ काले रंग के
महिलाएं खड़ी हैं घूंघट में
छत के ऊपर
तर्जनी अंगुलि से इशारा
करते हुए बुलाती हैं
जो समझ जाते है
वह
आगे बढ़ जाते है
ना समझ
खड़े रहते है
वह ऑंखें फाड़कर देखते रहते हैं
हवेली की दीवारों को
चौखट और खिड़कियों को
गिनते हुए सो जाते हैं
भीतर खुंटी पर टंगी है
मोटी तलवारें
दीवारों पर चिपकी हुई है
चीते की चमड़ियां
साथ टंगी हुई है
पुरखों की तस्वीरें
***
पहाड़ी चारवाहें
हौले से धूप छुप रही है
पहाड़ों की ऊंची चोटियों
की ओट में
चीनार के पेड़ पर
खेल रही है ज्योत्स्ना
पत्तों को चूम रही है बयारें
दिन ढलते ही चारवाहें
घेर लेते है अपनी भेड़ों को
पहाड़ों की मिट्टी लगी होती है
भेड़ों के बालों पर
जिससे पता चल जाता है
कि वह चरकर आई है
मैदानी इलाकों से घूमने
आई हुई महिलाएं
सेल्फी लेती है बड़े चाव से
कुछ तो मेमीयों को गोद में
बिठाकर कैद कर लेती है
पलों को मोबाइल में
लम्बी कतारों में
भेड़ें एक दूसरे से
चिपककर उतर जाती हैं
ऊंची चोटियों से नीचे
अपने बाड़ों में
***

याद आता है अपना गांव
बिजली से चलती मेट्रो
ट्रेन के डिब्बे में
खचाखच भरे हुए हैं लोग
खड़ा होकर सफ़र तय
करना पड़ता है
लोगों से भरी भीड़ में
याद आता है अपना गांव
खेतों का खुला और
शांत माहौल
जहां खाली मेड़ो पर
बैठे रहते थे
दोस्तों के साथ रात
ढ़लने तक
कोलड्रिंक के बोतलें
खोलते थे
पास से गुज़रता था
सफेद मृगों का झुंड
क्यारियों में सोये रहते थे
खरगोश
जो जगाने पर भी नही
जागते थे
धोरों में बहता था पानी
जिसमें डूबकी लगाती थी
नन्ही चीड़ियां
अगले स्टेशन पर उतरकर
वापस लौट जाऊंगा मैं
अपने गांव, अपने खेतों में
फिर कभी नही आऊंगा शहर
की ओर
***
परिचय
नाम – निहाल सिंह
जन्मतिथि – 17-02-1977
गांव- दुधवा
जनपद – झुंझुनूं
राज्य -राजस्थान
व्यवसाय – कृषि
ई-मेल –nihal6376r@gmail.com
मोबाइल – 6376145199