व्योमेश शुक्ल की एक कविता
दीपावली के अगले दिन और हिंदी में मचे समकालीन हाहाकार के बीच मैं आपको हमारे समय के एक समर्थ युवा कवि
दीपावली के अगले दिन और हिंदी में मचे समकालीन हाहाकार के बीच मैं आपको हमारे समय के एक समर्थ युवा कवि
बोधिसत्व समकालीन हिंदी कविता के महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। कविता में अपनी शुरूआत उन्होंने आलोचना में कुछ बेहद प्रभावशाली कविताओं
यह कविता प्रतिलिपि से – गिरिराज किराडू के प्रति आभार के साथ। अनुवादक – तरुण भारतीय आर के नारायन मर गए
वह सैंडविच वह सैंडविच जो तुमने विदा होते समय दी थी ट्रेन में रात साढ़े नौ बजे मेरे इसरार के बावजूद
नवरात्र के अनुष्ठानों के बीच माँ की महिमा के शोरोगुल में स्त्री को घर और बाहर, कदम-कदम पर अपमानित करने का
लीना टिब्बी १९६३ में सीरिया की राजधानी दमिश्क में जन्मी और अनेक देशों में (कुवैत, लेबनान, यूनाईटेड अरब अमीरात , साइप्रस,
अल मर्कोवित्ज़ एक ‘श्रमजीवी’ हैं जो बतौर मुद्रक, स्वास्थ्य-कार्यकर्ता, बावर्ची, माली, टैक्सी-ड्राइवर और फैक्ट्री-श्रमिक काम कर चुके हैं. उनका ‘एक्टिविस्ट’ जहाँ
नक्शा यहाँ से साभार (सोहेल नज़्म के अंग्रेज़ी अनुवाद से रूपान्तरित) स्त्री का दिल स्त्री का दिल इकलौता ऐसा मुल्क हैजहां
तस्वीर यहाँ से साभार कभी-कभी मैं तुम्हें याद करता हूं नन्हीं रूथ हम अलग हो गए थे अपने सुदूर बचपन में
वह लौट कर आया और गोली मार दी. उसने उसे गोली मार दी. जब वह लौटा, उसने गोली मारी, और वह