
काली कमीज़ और काला कुर्ता / येनपक कथा : बूढ़ा छाते वाला – अनामिका अनु की दो कहानियां
अनामिका अनु हिन्दी की सुपरिचित कवि हैं। इधर उन्होंने कहानियॉं भी लिखी हैं। हंस में पूर्वप्रकाशित उनकी दो कहानियॉं हम अनुनाद पर लगा रहे

अनामिका अनु हिन्दी की सुपरिचित कवि हैं। इधर उन्होंने कहानियॉं भी लिखी हैं। हंस में पूर्वप्रकाशित उनकी दो कहानियॉं हम अनुनाद पर लगा रहे
अनुनाद पर 2016 में प्रकाशित रचनाएं अब पीडीएफ़ के रूप में भी उपलब्ध हैं। अनुनाद वार्षिक अंक 2016

1962 में बांडुंग में जन्मे एगुस सर्जोनो इंडोनेशिया के प्रमुख कवि, लेखक और नाटककार हैं, जिन्होंने इंडोनेशिया के साहित्य का अध्ययन और बाद में अध्यापन किया। उनकी रचनाओं

रसूल हम्ज़ातोव का जन्म 1923 में रूस के दागिस्तान इलाके में हुआ था। उनकी शिक्षा दीक्षा मास्को में हुई। उन्होंने साहित्य लेखन की शुरुआत रुसी

शालिनी सिंह की कविताएं 90 के दशक से साहित्य में उद्भूत स्त्री-अस्मिता की ओर इशारा करती हैं, किन्तु ये अपने कथ्य और कहन में बिल्कुल

स्वीकारोक्ति कटोरी में समुद्र अंजलि में पृथ्वी सजाकर मैं बहुत खुश था अपने आप को एक मीर समझता था।

73 वर्षीय जुरीनाह हसन (हनीरुज उपनाम) मलेशिया की सबसे प्रतिष्ठित कवि कथाकारों में शामिल हैं और देश की पहली स्त्री राष्ट्रकवि (नेशनल लॉरिएट) हैं। बचपन

सीमा सिंह की कविताएं प्रेम, प्रतीक्षा, स्वप्न, पीड़ा और इच्छाओं के अछोर विस्तार में खड़ी कविताएं हैं। इस विस्तार में उनसे पहले भी एक समूची

शंकरानंद समकालीन हिन्दी कविता के सम्मानित और सुपरिचित रहवासी हैं। उनकी ये कविताएं समाज और राजनीति में इधर बहुप्रसारित ‘सूची’बद्ध प्रकाश के बीच अवस्थित नागरिक

डोगरी के कवि ध्यान सिंह की पंक्ति कोंपलें नहीं फूट रहीं , महज कविता की नहीं, सामाजिक जीवन और उसकी दशा-दिशा की भी टीस बनकर