अनुनाद

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कविता

बढ़ता ही जाता पृथ्वी पर भयावह सन्नाटा : मोहन कुमार डहेरिया की कविताएं

वरिष्‍ठ कवि मोहन कुमार डहेरिया नब्‍बे के दशक में प्रकाश में आयी कवि-पीढ़ी के महत्‍वपूर्ण प्रतिनिधि हैं। इनकी कविताएं समय, राजनीति और साहित्‍य के किसी

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कविता

वीरेन्‍द्र दुबे की कविताऍं

वीरेन्‍द्र दुबे देश के जाने माने बालशिक्षा विशेषज्ञों में हैं। इस क्षेत्र में उनकी उम्र गुज़री है। मध्‍य प्रदेश से उत्‍तराखंड तक विस्‍तृत उनके कार्यक्षेत्र

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जब भी कोई स्थायी पता पूछता है, मैं मुस्कुरा देता हूं- ललन चतुर्वेदी की कविताएँ

        कविता लेखन पर निजी जीवन और अनुभवों का विशेष प्रभाव होता है, जब यही अनुभव लोक मानस से जुड़ जाते हैं, तब

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होने और न होने की बहसों के बीच मैं ईश्वर की तलाश में हूँ- अशोक कुमार की कविताएं

   अशोक कुमार की कविताओं में लोक का  ठेठपन, उसकी पीड़ा, उसकी चुनौतियाँ, उसके  निश्चल स्वप्न , समाज का  खोखलापन और जन्मभूमि से प्रवासित होने

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टर्रापन लिए मीठे फल – भूपेन्‍द्र बिष्‍ट की कविताऍं

भूपेन्‍द्र बिष्‍ट लम्‍बे समय से कविता लिख रहे हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति समकालीन दृश्‍य में एक ख़ामोश और संकोची उपस्थिति रही है। दैनिक जीवन की

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कैरेबियाई कवि डेरेक वालकाट की 10 कविताऍं – चयन एवं अनुवाद : श्रीविलास सिंह

श्रीविलास सिंह ने विश्‍वकविता से बहुत महत्‍वपूर्ण अनुवाद हिन्‍दी में सम्‍भव किए हैं। हमेें कैरिबियाई कवि डेरेक वॉलकाट की दस कविताऍं मिली हैं। संसार में

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