
जमीन और पानी के दरमियान (श्रीधर नांदेडकर) अनुवाद – सुनीता डागा
श्रीधर नांदेडकर मराठी साहित्य में ख्यातिप्राप्त नाम हैं। उनकी कविताओं का हिन्दी में अनुवाद कर पाठकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य सुनीता डागा ने किया

श्रीधर नांदेडकर मराठी साहित्य में ख्यातिप्राप्त नाम हैं। उनकी कविताओं का हिन्दी में अनुवाद कर पाठकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य सुनीता डागा ने किया
अनुनाद की वर्ष 2017-2018-2019 में ब्लॉग पर प्रकाशित सभी रचनाएं अब पीडीएफ़ रूप में उपलब्ध। अनुनाद संयुक्तांक 2017-2018-2019

अनुनाद ने हमेशा से ही अन्य भाषाओं की कविताओं में आवाजाही का संकल्प रखा और निभाया है। हमारे आर्काइव में हमारा यह संकल्प देखा जा

1. शिकारी की तरह आए तो प्रेम नहीं है! जाल बिछाए तो प्रेम नहीं है! आखिर यह मान लेने में क्या हर्ज़

प्रतिभा गोटीवाले हिन्दी की सुपरिचित कवि- कहानीकार हैं। स्मृतियों के रंग की शिनाख़्त और विस्मृतियों के रंग की तलाश करती उनकी यह कहानी हमें मिली

जब मनुष्य घर के पास नहीं होता तो कोई न कोई कारण देकर घर उसे अपने पास बुला लेता है और उससे कहता है कि

खेमकरण ‘सोमन’ के कविता संग्रह ‘नई दिल्ली दो सौ बत्तीस किलोमीटर’ में संकलित सभी कविताएँ भोगे हुए जीवन-यर्थाथ की सहज अभिव्यक्तियां हैं। जीवन से लगाव और मानव
पिछले दिनों मेरे किसी मित्र ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर के हवाले से कहा कि गुरुदेव का मत था कि यदि कोई उनसे कविता का अर्थ पूछे