
कुमाउनी लोक-साहित्य में घुघुत- संजय घिल्डियाल
पाश्चात्य ज्ञान मीमांसा मुख्य रूप से सामाजिक परिदृश्य तथा प्राकृतिक क्षेत्र के मध्य विरोध पर आधारित है।1 ऐसा विरोध पारिस्थितिक परिप्रेक्ष्य को नितांत रूप से

पाश्चात्य ज्ञान मीमांसा मुख्य रूप से सामाजिक परिदृश्य तथा प्राकृतिक क्षेत्र के मध्य विरोध पर आधारित है।1 ऐसा विरोध पारिस्थितिक परिप्रेक्ष्य को नितांत रूप से

मेधा नैलवाल – हिंदी साहित्य और न्यू मीडिया के संबंध को आप किस तरह देखते हैं ? लीलाधर मंडलोई– हिन्दी और न्यू मीडिया के संबंध में

ग़ालिब एक सांसारिक कवि हैं। मोह-लिप्त मगर माया-निर्लिप्त। दुनियाबी रंगीनियों को अगर होठों से पीने में हाथ साथ न दे रहे हों,

पिता वे सिर्फ एक छत ही नहीं,पेपरवेट भी थे.जैसे ही हटे,हमकागज के पन्नों-सेबिखरते चले गए.*** यथार्थ जब मैं स्वयं कोसम्पूर्ण रूप सेपवित्र समझ चुका

नदियां और बेटियां (19 वर्षीय हिमानी, एक सुदूर पहाड़ी ग्रामीण इलाके से आयी लड़की, जो स्नातक के लिए महिला महाविद्यालय हल्द्वानी प्रवेश लेती है. साल

फिलीस्तीनी मूल के माता पिता की संतान लोहाब आसेफ अल जुंदी का जन्म सीरिया में हुआ। अमेरिका में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वहीं बस गए। अमेरिकी अरबी कविता

जमैका से आकर अमेरिका में बस जाने वाली 52 वर्षीय अश्वेत ऐक्टिविस्ट कवि क्लॉडिया रैंकिन की पिछले साल पाँचवी किताब आई है “सिटीजन : ऐन अमेरिकन लीरिक” जिसे न सिर्फ़ नेशनल बुक क्रिटिक्स अवार्ड

धानरोपनी दिल नहीं लगा आज उसका धानरोपनी के गीतों में बबुआ की देह तप रही थी आते समय ज्वर की सिरप पिला आई

धूप में धूप दूर दृष्टि के दूसरे छोर तक पसरी है, आग का एक समुद्र उग आया है खेतों खलिहानों में,