
शहर से गुज़रना तो सिर्फ़ तुम्हारी याद से गुज़रना था / पंखुरी सिन्हा की कविताएं
स्मार्ट सिटी की होड़ में स्मार्ट सिटी की होड़ में स्मार्टनेस की अंधी दौड़ में बहुत से

स्मार्ट सिटी की होड़ में स्मार्ट सिटी की होड़ में स्मार्टनेस की अंधी दौड़ में बहुत से

कैनेडा में वर्षों से रह रहे भारतवंशी व्यंग्यकार धर्मपाल महेंद्र जैन अब वह नाम हो गया है, जिनकी पहचान भारत के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकारों में

मेधा : हिंदी साहित्य और न्यू मीडिया के संबंध को आप किस तरह देखते हैं ? देवेश : हिंदी साहित्य का न्यू मीडिया से संबंध

पानी “यूँ एक टक क्या आकाश को ताक रहे हो?” “नहीं, बादलों को!” “मगर आकाश तो एक दम सूखा है रेगिस्तान की

छद्म रात की स्याही में चाँद चंद्रबिंदु के समान चमक रहा था अनगिनत तारे अनंत आकाश ज़मीं पर दूर तक फैली रेत रेत

बिली वीवर लंदन से अपराह्न वाली धीमी गति की रेलगाड़ी से, रास्ते में स्विंडन में गाड़ी बदलता हुआ, यात्रा करके आया था। जिस समय वह

सेमल का फूल चैत के महीने में बिखरे घमाते सेमल के फूल अलसाये उनींदे फिर भी मुस्कुराते सेमल के

बौज्यू कब से कह रहे थे कि गांव ले चलो ले चलो गांव बस एक बार इसे मेरी आखिरी बार की ही यात्रा समझो