
मेरी प्रार्थनाओं की वजह से वह बना रहा ईश्वर/रीना शाही की कविताएं
1 मैंने जब भी उसकी बात की आँखें भर कर की गालों में लाल कोंपलें फूटने तक आवाज़ के काँपने तक गर्म

1 मैंने जब भी उसकी बात की आँखें भर कर की गालों में लाल कोंपलें फूटने तक आवाज़ के काँपने तक गर्म

ठूंठ पिता के जाने के बाद उनकी अनुपस्थिति का अहसास सबसे अधिक कही नुमाया हुआ तो वो मां का सूना माथा था बैठक

गॉंव की औरतें दौर भले हो ग्लोबल विलेज का पर अब भी भोली हैं गांव की औरतें शहर की औरतों

अगर अगर भोजन करते हुए तुम्हें इस बात की शर्म आए कि दुनिया में करोड़ों लोग भूखे हैं तो समझ लो कि तुम्हारे भीतर

आत्मकथ्य जिस रात चौबारे पर उतरी चाँदनी उस गांव में एक नयी किलकारी गूँजी चीन के हमले से करीब साल भर

पुस्तक में‘जिंदगी बुनते थे वो बिखर गए’ एक ऐसा वाक्य है जिसे पढ़ते ही भारत में प्रगति के नाम पर अमूल्य संस्कृति के लगातार हो

बाईं तरफ करवट ली हुई, बायां हाथ सिरहाने-सा रखा हुआ, और घुटने पेट तक मुड़े हुए। शरीर अकड़ चुका था। उसे ऐसे ही उठा

1 मैं दुल्की चाल से चलते हुए घर पहुँचता हूँघंटों के उपरांत मेरे अतीत के बियाबान के एकमात्र आश्रय स्थल पर मैं लौटता हूँ पगडंडियों

Bluebird (नीला पक्षी) मेरे दिल में एक नीला पक्षी है जो बाहर निकलना चाहता है किन्तु मैं उसके लिए बहुत कठोर हूँ मैं

युद्ध के दिनों में कवि होने का क्या मतलब होता है युद्व के दिनों में कवि होने का