अनुनाद

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कविता

जैसे नींद सुनती है सपनों को जैसे एकांत सुनता है अकेलापन/ऋतु डिमरी नौटियाल  की कविताएं 

    सिर्फ़ एक शब्‍द नहीं, कोई शब्‍द      आसमान में जब आते हैं बादल  कोरे कागज में जैसे आ जाता है शब्द  शब्द, मुखपृष्ठ हो जाता

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कविता

अभी फिलहाल वे पर्वतीय जीवन की दुश्वारियों पर बात कर रहे हैं / भूपेन्‍द्र बिष्ट की कविताएं

   राज़ हो कितना गहरा    प्रेम में प्रतीक्षा से पाला पड़ता रहता है प्रेम के साथ एक प्रकाश भी नत्थी होता है अपने किस्म का यूं

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कविता

हिन्‍दवी ‘कैंपस कविता’

  रेख्‍़ता फाउन्‍डेशन हिन्‍दवी और महादेवी वर्मा सृजन पीठ, कुमाऊँ विश्‍वविद्यालय नैनीताल के सहयोग से आयोजित कैंपस कविता कार्यक्रम (06 जून 2024) में हिन्दवी द्वारा

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कविता

शहर से गुज़रना तो सिर्फ़ तुम्हारी याद से गुज़रना था /  पंखुरी सिन्हा की कविताएं

                   स्‍मार्ट सिटी की होड़ में                   स्मार्ट सिटी की होड़ में स्मार्टनेस की अंधी दौड़ में बहुत से

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आलोचना / समीक्षा

चेतना को झकझोरते “भीड़ और भेड़िए” के व्यंग्य/ आर पी तोमर

  कैनेडा में वर्षों से रह रहे भारतवंशी व्यंग्यकार धर्मपाल महेंद्र जैन अब वह नाम हो गया है, जिनकी पहचान भारत के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकारों में

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कथेतर गद्य

हिन्दी साहित्य और न्यू मीडिया /देवेश पथ सारिया से मेधा नैलवाल का साक्षात्‍कार

मेधा : हिंदी साहित्य और न्यू मीडिया के संबंध को आप किस तरह देखते हैं ? देवेश : हिंदी साहित्य का न्यू मीडिया से संबंध

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