अनुनाद

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मृत्युंजय की कविता

दस साल संसद चलती रही दस सालदस साल चलती रही विधानसभाकंपनियों ने नए किस्म के पिज्जे तैयार कियेपेप्सी और कोक ने मरोड़ दी गर्दनआये नए

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इरोम शर्मिला की एक कविता

( इरोम शर्मिला…यानि ग्यारह साल से एक काले क़ानून के ख़िलाफ़ अनशन पर बैठी आयरन लेडी…यानि अण्णा हजारे के बरक्स गांधीवाद का एक और आख्यान

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अली अहमद सईद असबार – चयन, अनुवाद और प्रस्तुति: यादवेन्द्र

अपने तखल्लुस अडुनिस (मूल नाम: अली अहमद सईद असबार) से पूरी दुनिया में जाने जाते कवि आधुनिक अरबी कविता के शिखर पुरुष माने जाते हैं

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कासिम हद्दाद बहरीन के विद्रोही जनकवि – चयन, अनुवाद और प्रस्तुति: यादवेन्द्र

तैयार हो जाओ,जो सामने दिख रहा है वो इतिहास है 63 वर्षीय कासिम हद्दाद बहरीन के विद्रोही जनकवि माने जाते हैं.स्कूल की औपचारिक शिक्षा भी

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कविता समय- एक विमर्श की यादगार यात्रा

– प्रतिभा कटियार मिस्र, यमन, बहरीन की सुर्खियां घेरे हुए थीं. सड़कों पर लोगों का हुजूम. महापरिवर्तन का दौर. जनान्दोलन से बड़ी रूमानियत कोई नहीं होती. मैं उसी रूमानियत

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कनाडा की नेटिव कविता- हलिजो वेबस्टर: अनुवाद एवं प्रस्तुति -यादवेन्द्र

धराशायी होने तक का इन्तजार मैं जोर जोर से चिल्ला रही हूँ पर कोई नहीं है जो सुने मेरी बात मैं नाच रही हूँ निर्वस्त्र

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सभ्यता के उजाड़ कोनो में कवितायें बेआवाज़ पड़ी रहती हैं – बसंत त्रिपाठी की दो कविताएं

बेआवाज़ पत्तियों के झरने की आवाज़ की आवाज़ होती है हवा धीमी आवाज़ के साथ बहती है चूजे अण्डों से निकलकर मचाते हैं शोर फूलों

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