तुम मेरी आधी रात का सूर्योदय – कुछ प्रेम कविताएँ – चंद्रकांत देवताले
मेरा सौभाग्य है कि मुझे देवताले जी के एक संकलन पर काम करने का मौका मिल रहा है। यह संकलन स्त्रियों
मेरा सौभाग्य है कि मुझे देवताले जी के एक संकलन पर काम करने का मौका मिल रहा है। यह संकलन स्त्रियों
ये कविता वीरेन जी के नौजवानी के शहर नैनीताल की है और उनके लिए बहुत ख़ास है। अब ये मेरे लिए
1950 के बाद से टामस ट्रांसट्रोमर (तोमास त्रांसत्रोमर) लगातार स्वीडिश कविता का सबसे महत्वपूर्ण चेहरा बने हुए हैं। आधुनिक स्वीडिश कविता
जैसा अनुनाद के पाठक जानते हैं कि मैं अकसर ही अपने साथ के और बाद के किसी न किसी युवा कवि
इस कविता को प्रगतिशील वसुधा के नए अंक में भी पढ़ा जा सकता है और विलक्षण चित्रकार अमृता शेरगिल की यह
(शालिनी को समर्पित)कम ही सही पर वे हर जगह हैंइस महादेश की करोड़ों लड़कियों के बीच अपने लायक जगह बनातीघर से
अनुनाद मेरा ब्लॉग है और शायद मुझे पूरा अधिकार है कि इसमें अपनी कविताएं लगाऊं, लेकिन एक वरिष्ठ तथा मेरे प्रिय
व्योमेश शुक्ल की कविता से हिंदी जगत परिचित है। वे पहल, नया ज्ञानोदय, तद्भव, वागर्थ, कथाक्रम आदि में निरंतर दिखाई दिए
पहले तो स्पष्ट कर दूं कि यह गिरिराज किराड़ू की कविता से मेरे सम्बन्धों पर एक निहायत निजी टिप्पणी है। साथ
बनारस में रहने वाले अलिन्द उपाध्याय ने विगत वर्ष वागर्थ के नवलेखन कवितांक में प्रेरणा पुरस्कार पा अपनी आमद दर्ज की