अधबना स्वर्ग – टॉमस ट्रांसट्रॉमर
विश्वकविता में अपना एक विशिष्ट स्थान रखने वाले स्वीडिश कवि टॉमस ट्रांसट्रॉमर का जन्म 15 अप्रैल 1931 को हुआ। उनका बचपन
विश्वकविता में अपना एक विशिष्ट स्थान रखने वाले स्वीडिश कवि टॉमस ट्रांसट्रॉमर का जन्म 15 अप्रैल 1931 को हुआ। उनका बचपन
कुछ भीपकड़ में नहीं आ रहा है इधर घटनाओं को पकड़ नहीं पा रहा हैदिमाग़ हालांकि मिल रही हैंउनके घटने की
( ये पोस्ट अग्रज कवि कुमार अम्बुज के लिए बतौरे ख़ास … ) जब आदमी उम्रदराज़ हो जाता हैतो उसका जीवनमुक्त
आशुतोष दुबे की ये कविताएँ उनके संकलन “यकीन की आयतें” से ली गई हैं और इन्हें हमारे चित्रकार दोस्त श्री रविन्द्र
मित्रो अगस्त के महीने में कुछ दिन के लिए अपने पहाड़ गया तो कई बरस बाद “हल” देखने और छूने का
नामवर जी के भारतभूषण कविता पुरस्कार के निर्णायक होने की एक अप्रतिम खोज हैं 1987 में पुरस्कृत मेरे प्रिय अग्रज कवि
कबाड़खाने से शुरू हुए येहूदा आमीखाई की कविताओं के क्रम को अनुनाद में भी जारी रख रहा हूं। आगे कुछ उनकी
बहुत काली थी रात हवाएं बहुत तेज़ बहुत कम चीज़ें थीं हमारे पासरोशनी बहुत थोड़ी-सीथोड़ी-सी कविताएँऔर होशउनसे भी थोड़ा हम किसी
व्योमेश की कविताएं अपनी तरह से समकालीन कविता में एक नए युग की शुरूआत का विनम्र घोषणा-पत्र हैं। ऊपरी तौर पर
वह मुझे धरती की तरह लगता हैजिसे उठाएइतने सधे कदमों से चढ़ती-चली जाती हैं बांस के टट्टरों परकुछ सांवली और उदास