ईरानी कवि अहमद शामलू
(ईरान में दमनकारी धार्मिक कट्टरवादियों के खिलाफ़ आंदोलित जनसमूह) ईरान में उभरे जनआक्रोश और इसका दमन करने के तानाशाही रवैये को ध्यान में रखते हुए
(ईरान में दमनकारी धार्मिक कट्टरवादियों के खिलाफ़ आंदोलित जनसमूह) ईरान में उभरे जनआक्रोश और इसका दमन करने के तानाशाही रवैये को ध्यान में रखते हुए
जिन्होंने दुख का स्वाद नहीं चखा उन पर दुख टूट पड़ें जो बिछुड़ने के दर्द को नहीं समझते उनके घर बह जाएँ जो मनुष्य की
आज तक मैंने जितनी भी प्रेम-सम्बन्धी कविताएँ पढ़ी हैं——-और ज़ाहिर है कि मेरे पढने की बड़ी सीमा है, फिर भी—–उनमें जर्मन कवि बेर्टोल्ट ब्रेख्त की
धातुएंसूर्य से अलग होकर पृथ्वी का घूमना शुरू हुआ शुरू हुआ चुंबकत्व धातुओं की भूमिका शुरू हुई धातु युग से पहले भी था धातु युग
कवि के परिचय और अनुवादक के पूर्व कथन के लिए यहाँ क्लिक करें ! ख़ाली टोकरियां भोर होते होतेदिखाई पड़ती हैं कई ख़ाली टोकरियांरसोई में
सादी यूसुफ़ की कविता (अनुवाद : अशोक पाण्डे) फ़कीर एक रात बीतने ही वाली थी जब कवियों ने प्रस्थान किया एक-एक कर उनके पास इतनी
(`ज़हरीली हवा` से) ग़ैब से चलने लगी जब एक ज़हरीली हवा। दिल के फफोलों से भरी किस-किसके नालों से भरी ख़ामोश चीखों से भरी यह
आपने पहली किस्त में माजिद नफ़ीसी के जीवन और उनकी दिवंगता पत्नी पर टिप्पणी पढ़ी और एक कविता भी। इन सारी चीज़ों को मेरे लिए
ईरानी समाज के बारे में कहा जाता है कि कविता वहाँ भद्र जनों के जीवन का ही हिस्सा नहीं है बल्कि आम आदमी अपने दैनिक
युवा घंटी बजाकर आपके दरवाज़े के सामने जो उदग्र युवा कान से मोबाइल सटाए हुए मुस्करा रहा है वह मूलत: इंजीनियर है ऐश्वर्य के जगमगाते