संजय चौधरी की कविताएं – चयन, मराठी से अनुवाद और प्रस्तुति : स्वरांगी साने
स्वरांगी साने की कविताएं अनुनाद छापते हुए मैंने उनसे मराठी से अनुवाद के लिए अनुरोध किया था और उन्होंने कुछ अनुवाद भेजने शुरू किए हैं।
स्वरांगी साने की कविताएं अनुनाद छापते हुए मैंने उनसे मराठी से अनुवाद के लिए अनुरोध किया था और उन्होंने कुछ अनुवाद भेजने शुरू किए हैं।
सरकारी नौकरी में कई लोग ऐसा ही महसूस करते हैं, जैसा अमित की ये कविता महसूस कराती है। ये सीधे-सीधे वाक्य हैं और कविता इनकी
यक्ष -युधिष्ठिर संवाद हमने पहले भी अनुनाद पर साझा किए थे, जिन्हें आप यहां पढ़ सकते हैं। उसी क्रम में यह एक और संवाद। अनुनाद
कविता के इलाक़े में नई आवाज़ों के सिलसिले हैं। उसी सिलसिले से स्वरांगी साने की ये कविताएं। इन कविताओं को छापते हुए अनुनाद ने कवि
कवि मित्र अशोक को पिछले दिनों पंकज सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा हुई है और कल मुझे ईमेल में ये नई कविता
हर दूसरा आदमी या तो कुफ्र है है या देशद्रोही – अरुण देव की कविता हमारे समय का बयान हैं। यहां दी जा रही कविताएं
वक्तव्य दो बातें बहुत ज़रूरी हैं – लगातार लिखते रहकर अपने समय को जितना हो सके दर्ज करते रहना और जो अनुपस्थित हैं, जिनसे
अनिल की आंचलिकता से भ्रमित मत होइए, वह अपनी कविताओं के जाहिर दिख रहे स्थानीय आख्यानों में हमारे जीवन और वैचारिकी के महाख्यान छुपा देता
गीता गैरोला की संस्मरण पुस्तक की समीक्षा मैं याद को केवल जगह (स्पेस) नहीं मानता और न वर्तमान से पलायन की शरणस्थली। मैं स्मृति
सुबोध शुक्ल सुपरिचित आलोचक हैं। उनका लेखन हिंदी के इलाक़े में एक नई उम्मीद की तरह है। हमारे अनुरोध पर उन्होंने बेट्टी फ्रीडन के एक महत्वपूर्ण लेख