ये दुनिया रंग-बिरंगी – कवि कुमार विकल के जाने पर
(इस कविता को वेणुगोपाल के लिए भी मेरी एक श्रद्धांजलि मानें , जो कुमार विकल के समानधर्मा कवि थे।) सभी कुछ रंगीन था जब तुम
(इस कविता को वेणुगोपाल के लिए भी मेरी एक श्रद्धांजलि मानें , जो कुमार विकल के समानधर्मा कवि थे।) सभी कुछ रंगीन था जब तुम
( हमारे कबाड़खाने से ये फोटो, उनकी, जिन्हें ये कविता संबोधित है …. इसे विश्व पुस्तक मेले में खेंचा गया ) जब से तुम्हारी दाढ़ी
(यह थमा हुआ वीडियो विजुअल 2004 के अंकुर मिश्र स्मृति सम्मान समारोह से) ” कहानी में कविता कहना विष्णु खरे की सबसे बड़ी शक्ति
प्रदीपचन्द्र पांडे की ये बड़ी अर्थच्छवियों से घिरी छोटी-छोटी कविताएं एक 56 पृष्ठीय पतले-दुबले संकलन के रूप में मुझे एक पारिवारिक मित्र और प्रदीप की
आधुनिक हिंदी कविता में मुक्तिबोध के बाद के सबसे महत्वपूर्ण कवि रघुवीर सहाय इक्कीसवीं सदी में एक बार फिर बहुत ख़ास लगने लगे हैं। मैं
पहली मार्च इकहत्तर को उ0प्र0 के एक निहायत छोटे गांव में जन्मे और फिर जे0एन0यू0 में दीक्षित अनिल त्रिपाठी को आलोचना के लिए `देवीशंकर अवस्थी
कुमार अम्बुज हमारे समय के महत्वपूर्ण कवियों में एक हैं। मेरे लिए वे ऐसे अनदेखे-अनमिले-अपरिचित बड़े भाई हैं, जिनकी कविता की मैंने हमेशा ही कद्र
अगर तुम्हें नींद नहीं आ रही अगर तुम्हें नींद नहीं आ रही तो मत करो कुछ ऐसा कि जो किसी तरह सोये हैं उनकी नींद
विमल कुमार, मेरा अनुमान है कि कुमार अम्बुज और देवीप्रसाद मिश्र की पीढ़ी के कवि हैं। मैं उन्हें उनके संकलन `सपने में एक औरत से
किरीट मेरे लिए व्यक्ति से ज़्यादा एक व्यक्तित्व हैं। उन्हें अपने अनुभव अभी प्राप्त करने हैं। वे अपने पहाड़ी गांव से नस-नाल आबद्ध हैं और