थक जाते थे हम कलियाँ चुनते – प्रचण्ड प्रवीर (बाल साहित्य/कविता पर आलेख)
इक्कीसवीं सदी के आरम्भ में हिन्दी में जिन महत्वपूर्ण कथाकारों की आमद हुई है, प्रचण्ड प्रवीर उनमें बेहद ख़ास और अलग
इक्कीसवीं सदी के आरम्भ में हिन्दी में जिन महत्वपूर्ण कथाकारों की आमद हुई है, प्रचण्ड प्रवीर उनमें बेहद ख़ास और अलग
विष्णु खरे हिन्दी कविता के इलाक़े में हुई बहुत बड़ी हलचल का नाम है। कितनी ही उथलपुथल उनके नाम दर्ज़ हैं।
कमल जीत चौधरी चर्चित युवा कवि हैं। अनुनाद को दोबारा सक्रिय करते हुए मैंने उनसे हिन्दी कविता में इधर चल रही
साहित्य में संगठनों की प्रासंगिकता पर बहस लगातार बढ़ी है। वैचारिक प्रतिरोध और विमर्श के लिए व्यक्तिकेंद्रित गैरवैचारिक समूहों के बरअक्स
वरिष्ठ कथाकार – सम्पादक ज्ञानरंजन ने कई वर्ष पूर्व अपने एक पत्र में किसी संकोची व्यक्ति के लिए कहा था कि
संदीप तिवारी हिन्दी के सुपरिचित युवा कवि हैं। उन्हें वर्ष 2019 में कविता के लिए रविशंकर उपाध्याय स्मृति पुरस्कार मिला है।
कविता-संग्रह: हिन्दनामा लेखक: कृष्ण कल्पित प्रकाशक: राजकमल, 2019 …………………………………. कुफ़्रो-इमां का फ़र्क मिटाने आया हूँ मैं जाम-बकफ़ तौबा करने आया हूँ
चंद्रकांत देवताले की कविता में स्त्री पक्ष चंद्रकांत देवताले साठोत्तरी कविता के प्रमुख कवि हैं, जिनकी कविता
आलोकधन्वा की कविता “भागी हुई लड़कियां” १९८८ में छपी . यह घटना हिंदी कविता के इतिहास में एक मील का पत्थर
