अनुनाद

All Blogs

अरूणाचल के पानी में डूब रहा है केरल – अनामिका अनु की कविताऍं

कितनी अलग-अलग आवाज़ें इस बीच हिन्‍दी कविता को मिली हैं, यह देखना सुखद है। अहिन्‍दी प्रदेशों में हिन्‍दी की कविता के रचे हुए नए-नए-से ये

Read More »

साहित्‍य ज़माने भर से किया जानेवाला इश्‍क़ है – कुमार अम्‍बुज

साहित्‍य में संगठनों की प्रासंगिकता पर बहस लगातार बढ़ी है। वैचारिक प्रतिरोध और विमर्श के लिए व्‍यक्तिकेंद्रित गैरवैचारिक समूहों के बरअक्‍स संगठनों की भूमिका को

Read More »

यह कविता किसी दिशा में नहीं जाती इस पर चढ़ने वाले लोग अपने उतरने की व्यवस्था स्वयं कर लें – अमित श्रीवास्‍तव

इधर दुनिया भर में मची गड़बड़ और ख़राबे के बीच भी भाषा और कविता में साहित्‍य की राजनीति के पुराने पत्‍ते फेंटने का हुनर रखने

Read More »

गूँगी नहीं हो जाती है आत्मा – प्रदीप सैनी की कविताऍं

समकालीन हिन्‍दी कविता की अन्‍तर्धारा में प्रदीप सैनी सदा ही धैर्य और संयम के साथ रचनारत दिखायी दिए हैं। अनुनाद को उनकी ये अप्रकाशित कविताऍं

Read More »

शून्‍यकाल में बनी सहमतियों के विरुद्ध – गणेश गनी की कविताऍं

गणेश गनी सुपरिचित कवि हैं। वे पारखी सम्‍पादक और संवादी समीक्षक भी हैं।  उनकी आठ कविताऍं अनुनाद को मिली हैं। कविता और समीक्षा में उनकी

Read More »

आँखें नम करते सुच्चे क़‍िस्से – मनोज शर्मा की कविताऍं

मनोज शर्मा हिन्‍दी के सुपरिचित कवि और संस्‍कृतिकर्मी हैं। जम्‍मू में उनका रचनात्‍मक रहवास शुरूआती तौर पर कविता में एक स्‍थनीयता के चित्र बनाता हुआ

Read More »

ये दु:ख की नदियॉं हैं क्‍योंकि किसानों की नदियॉं हैं – कुमार मंगलम की कविताऍं

युवा कवि कुमार मंगलम की कुछ कविताऍं अनुनाद को मिली हैं।ये कविताऍं नदियों के बारे में हैं, जैसे भाषा की नदी में सचमुच की नदी

Read More »

मैं नष्ट कविताओं के सौंदर्य से चिपट कर सोती हूँ – ज्‍योति शोभा की कविताऍं

ज्‍योति शोभा की कविताऍं अनुनाद को मिली हैं। इससे पहले उनकी कविताऍं समालोचन, सौतुक और प्रभात ख़बर में देखी गई हैं। ज्‍योति हिन्‍दी कविता संसार

Read More »

ताकता हुआ मैं दिशाकाश : कविता का युवा मौसम – सिद्धेश्‍वर सिंह

वरिष्‍ठ कथाकार – सम्‍पादक ज्ञानरंजन ने कई वर्ष पूर्व अपने एक पत्र में किसी संकोची व्‍यक्‍त‍ि के लिए कहा था कि वह जीवन के तलघर

Read More »
error: Content is protected !!
Scroll to Top