आँखें नम करते सुच्चे क़िस्से – मनोज शर्मा की कविताऍं
मनोज शर्मा हिन्दी के सुपरिचित कवि और संस्कृतिकर्मी हैं। जम्मू में उनका रचनात्मक रहवास शुरूआती तौर पर कविता में एक स्थनीयता के चित्र बनाता हुआ
मनोज शर्मा हिन्दी के सुपरिचित कवि और संस्कृतिकर्मी हैं। जम्मू में उनका रचनात्मक रहवास शुरूआती तौर पर कविता में एक स्थनीयता के चित्र बनाता हुआ
सोनी पाण्डेय ने पिछले कुछ वर्षों में कविता के पाठकों में सम्मान अर्जित किया है। वे आम हिन्दुस्तानी स्त्री के संसार की ऐसी कवि के
युवा कवि कुमार मंगलम की कुछ कविताऍं अनुनाद को मिली हैं।ये कविताऍं नदियों के बारे में हैं, जैसे भाषा की नदी में सचमुच की नदी
ज्योति शोभा की कविताऍं अनुनाद को मिली हैं। इससे पहले उनकी कविताऍं समालोचन, सौतुक और प्रभात ख़बर में देखी गई हैं। ज्योति हिन्दी कविता संसार
वरिष्ठ कथाकार – सम्पादक ज्ञानरंजन ने कई वर्ष पूर्व अपने एक पत्र में किसी संकोची व्यक्ति के लिए कहा था कि वह जीवन के तलघर
अनुनाद ने अजंता देव से कविताओं के लिए अनुरोध किया था और हमें उनकी चार शीर्षकविहीन कविताऍं मिली हैं। यहॉं कुछ बुझता है तभी कुछ
संदीप तिवारी हिन्दी के सुपरिचित युवा कवि हैं। उन्हें वर्ष 2019 में कविता के लिए रविशंकर उपाध्याय स्मृति पुरस्कार मिला है। रचना और आलोचना, दोनों
जीवन के रंगमंच में बहुत बड़ा एक नेपथ्य होता है। जैसे हर चीज़ जीवन से कविता में आती है, यह नेपथ्य भी वहॉं से कविता
अनुनाद के फिर सक्रिय होने में जिन लोगों का सहयोग और प्रेरणा प्रमुख रूप से है, उनमें अमित श्रीवास्तव, गिरिराज किराड़ू, सुबोध शुक्ल, मृत्युंजय, व्योमेश
अच्छे नागरिक *** सुबह उठते हैं अख़बार पढ़ते हैं अफसोस जताते हैं शुक्र मनाते हैं ख़बर में खुद के न होने का एक रोटी कम