अजंता देव की कविताऍं
अनुनाद ने अजंता देव से कविताओं के लिए अनुरोध किया था और हमें उनकी चार शीर्षकविहीन कविताऍं मिली हैं। यहॉं कुछ बुझता है तभी कुछ
अनुनाद ने अजंता देव से कविताओं के लिए अनुरोध किया था और हमें उनकी चार शीर्षकविहीन कविताऍं मिली हैं। यहॉं कुछ बुझता है तभी कुछ
संदीप तिवारी हिन्दी के सुपरिचित युवा कवि हैं। उन्हें वर्ष 2019 में कविता के लिए रविशंकर उपाध्याय स्मृति पुरस्कार मिला है। रचना और आलोचना, दोनों
जीवन के रंगमंच में बहुत बड़ा एक नेपथ्य होता है। जैसे हर चीज़ जीवन से कविता में आती है, यह नेपथ्य भी वहॉं से कविता
अनुनाद के फिर सक्रिय होने में जिन लोगों का सहयोग और प्रेरणा प्रमुख रूप से है, उनमें अमित श्रीवास्तव, गिरिराज किराड़ू, सुबोध शुक्ल, मृत्युंजय, व्योमेश
अच्छे नागरिक *** सुबह उठते हैं अख़बार पढ़ते हैं अफसोस जताते हैं शुक्र मनाते हैं ख़बर में खुद के न होने का एक रोटी कम
कविता-संग्रह: हिन्दनामा लेखक: कृष्ण कल्पित प्रकाशक: राजकमल, 2019 …………………………………. कुफ़्रो-इमां का फ़र्क मिटाने आया हूँ मैं जाम-बकफ़ तौबा करने आया हूँ । केवल दो पंक्तियों
हमारे अनूठे गद्यकार ने अपनी फेसबुक वॉल पर कुछ टुकड़े लिखे हैं, जिनके बारे में निराला के सहारे से कहूँ तो ये फूल नहीं, जीवन
चंद्रकांत देवताले की कविता में स्त्री पक्ष चंद्रकांत देवताले साठोत्तरी कविता के प्रमुख कवि हैं, जिनकी कविता में स्त्री-जीवन की छवियॉं
यह पहाड़ पर बुझी हुई लालटेन की तरह टंगी एक जगह है, जो राज्य स्थापना के बाद से ही बाट जोह रही है कि उसे
“ पंडित शाङ्ग॔देव द्वारा वर्णित उत्तम वाग्गेयकार के रूप में पंडित कुमार गन्धर्व का स्थान ” १३ वीं शताब्दी में पं शाङ्ग॔देव द्वारा