अनुनाद

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गौतम राजरिशी की पांच ग़ज़लें

इन ग़ज़लों में नए प्रयोग हैं। सायास हिंदीपन नहीं, बोली-बानी का अहसास ज़रूर है। हिंदी में ग़ज़ल कहना मुश्किल बात है इसीलिए स्‍थापित नाम भी

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माया गोला की तीन कविताएं

1. दुनिया के सारे धर्मग्रंथ कर दिए जाएं तहख़ानों के हवाले (भले ही कुछ समय के लिए) और पढ़े जाएं सिर्फ़ प्रेमग्रंथ…….. अवतारों के रूप

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हरेप्रकाश उपाध्‍याय की सात कविताएं

हरेप्रकाश उपाध्‍याय की कविताओं का इंतज़ार, अनुनाद के लिए बहुत पुराना इंतज़ार था। अब जाके पूरा हुआ। कठिन प्रखर प्रतिभा, सख्‍़त बोली, अक्‍खड़-फक्‍कड़ व्‍यवहार के

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संगीत और जीवन का तारतम्य : वंदना शुक्‍ल की कविताएं

सुपरिचित कथाकार-कवि वंदना शुक्‍ल इस बार अनुनाद के लिए संगीत का अनुपम उपहार लायीं तो लगा किसी अमर प्रतीक्षा का सुफल मिला। कविता के कार्यकर्ता

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अरुण श्री की कविताएं

अरुण श्री की कविताएं संभवत: मैंने पहली बार असुविधा ब्‍लाग पर पढ़ी और वे मुझे लगा कि इधर फेसबुक पर तैयार हो रही एक नई

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शैलजा पाठक की कविताएं

शैलजा पाठक की ये कविताएं मेल में मिलीं। इन्‍हें पढ़ना शुरू किया तो लगा एक अनगढ़ वृत्‍तान्‍त के कई सिरे खुलते जा रहे हैं। यह

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लोक और कविता – 1 /लोक की अवधारणा तथा लोकधर्म – जितेन्द्र कुमार

लोक की अवधारणा को बिलकुल नए अध्येता अब मिल रहे हैं। मेरे दो विद्यार्थी जितेन्द्र कुमार और शिव प्रकाश त्रिपाठी इसी सत्र में शोध के

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मैं सुनने आया कविता मुझे अख़बार सुनाया गया – कमल जीत चौधरी की नई कविताएं

कमल जीत चौधरी हिंदी की युवतर कविता में अब एक ख़ूब जाना-पहचाना नाम है। हिंदी की बड़ी पत्रिकाओं ने ख़ुद को जब बड़े या अधिक

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