बनता हुआ मकान – सिद्धेश्वर सिंह
एक लम्बे इंतज़ार के बाद जबकि मैं अपना मकान बनवा रहा हूँ…और तरह तरह की मुश्किलों से दो चार हो रहा हूँ तो मुझे रह
एक लम्बे इंतज़ार के बाद जबकि मैं अपना मकान बनवा रहा हूँ…और तरह तरह की मुश्किलों से दो चार हो रहा हूँ तो मुझे रह
थोड़ी ही बच रही हिंदी की समकालीन जनवादी कविता के प्रमुख कवि अदम गोंडवी के दुखद प्रस्थान से अनुनाद शोकसंतप्त है. *** काजू भुने पलेट में, व्हिस्की गिलास
बहुत दिनों बाद किसी उपहार की तरह मनोज कुमार झा की कविताएँ अनुनाद को मिली हैं. युवा हिंदी कविता में बिलकुल नया मुहावरा रचती और
– महेश चंद्र पुनेठा ‘धनुष पर चिड़िया‘ चंद्रकांत देवताले की स्त्रीविषयक कविताओं का संग्रह है जिसका चयन व संपादन युवा कवि व
कभी कभी फेसबुक पर भी कुछ कविताएँ अलग अलग कारणों से अपनी ओर ध्यान खींचती हैं. कल्पना पन्त की कविताएँ भी ऐसे ही मुझे मिलीं. मैंने
इधर नवभारत टाइम्स का दीपावली अंक आया है। उसमें सम्मिलित यतीन्द्र की एक कविता और उनके कविकर्म पर दो आलोचकीय टिप्पणियां अनुनाद के पाठकों के
यादवेंद्र जी अनुनाद के सबसे सक्रिय सदस्य हैं। इधर मेरे कुछ निष्क्रिय होने पर उनके अनुवादों ने ही अनुनाद को सहारा दिया है। वे कविता के
आज प्रख्यात गीतकार-संगीतकार भूपेन हजारिका का देहान्त हो गया। उनके अब तक आ चुके कई जनगीत अतीत की कहानी आप कहते हैं। यू ट्यूब से ऐसे ही
प्रो रामदयाल मुंडा पिछले दिनों देश की आदिवासी संस्कृति के बड़े विद्वान और पैरोकार 72 वर्षीय प्रो. रामदयाल मुंडा का निधन हो गया पर बड़े
( अनुनाद के सभी पाठकों को दीपावली की शुभकामनाएं ) ताल के ह्रदय बले दीप के प्रतिबिम्ब अतिशीतल जैसे भाषा में दिपते हैं अर्थ और