औरत होने के मायने, उसके दुःख-दर्द, संघर्ष और प्रेम की उदात्तता की दास्तान
– महेश चंद्र पुनेठा ‘धनुष पर चिड़िया‘ चंद्रकांत देवताले की स्त्रीविषयक कविताओं का संग्रह है जिसका चयन व संपादन युवा कवि व
– महेश चंद्र पुनेठा ‘धनुष पर चिड़िया‘ चंद्रकांत देवताले की स्त्रीविषयक कविताओं का संग्रह है जिसका चयन व संपादन युवा कवि व
कभी कभी फेसबुक पर भी कुछ कविताएँ अलग अलग कारणों से अपनी ओर ध्यान खींचती हैं. कल्पना पन्त की कविताएँ भी ऐसे ही मुझे मिलीं. मैंने
इधर नवभारत टाइम्स का दीपावली अंक आया है। उसमें सम्मिलित यतीन्द्र की एक कविता और उनके कविकर्म पर दो आलोचकीय टिप्पणियां अनुनाद के पाठकों के
यादवेंद्र जी अनुनाद के सबसे सक्रिय सदस्य हैं। इधर मेरे कुछ निष्क्रिय होने पर उनके अनुवादों ने ही अनुनाद को सहारा दिया है। वे कविता के
आज प्रख्यात गीतकार-संगीतकार भूपेन हजारिका का देहान्त हो गया। उनके अब तक आ चुके कई जनगीत अतीत की कहानी आप कहते हैं। यू ट्यूब से ऐसे ही
प्रो रामदयाल मुंडा पिछले दिनों देश की आदिवासी संस्कृति के बड़े विद्वान और पैरोकार 72 वर्षीय प्रो. रामदयाल मुंडा का निधन हो गया पर बड़े
( अनुनाद के सभी पाठकों को दीपावली की शुभकामनाएं ) ताल के ह्रदय बले दीप के प्रतिबिम्ब अतिशीतल जैसे भाषा में दिपते हैं अर्थ और
यहां मेरे पास सिद्धान्त मोहन तिवारी की तीन कविताएं हैं। बनारस से व्योमेश शुक्ल के बाद एक और प्रतिभा युवा कविता में दखल के लिए एकदम
स्ट्रेंज फ्रूट पिछली सदी के तीस के दशक में न्यूयार्क स्टेट के एक स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाने वाले रूस से भाग कर अमेरिका में बस
एथेल आइरीन काबवातो जिम्बाब्वे की युवा कवि हैं जिनकी कवितायेँ ब्रिटिश काउन्सिल के सौजन्य से सामने आयीं.कुछ संकलनों में उनकी कवितायेँ संकलित हैं और वे