मारियो सुसको की कविताएँ
बोस्निया के युद्ध की विभीषिका झेल चुके मारियो सुसको सरायेवो के रहने वाले हैं. 1993 में सरायेवो छोड़ कर अमेरिका में बस गए सुसको के
बोस्निया के युद्ध की विभीषिका झेल चुके मारियो सुसको सरायेवो के रहने वाले हैं. 1993 में सरायेवो छोड़ कर अमेरिका में बस गए सुसको के
१९४८ में टी एस इलियट ने नोबेल पुरस्कार लेते हुए जो वक्तव्य दिया था, उसके एक महत्त्वपूर्ण अंश का अनुवाद हमारे लिये किया है रंगनाथ
राजेंद्र बिना शीर्षक की कविताएँ लिखते हैं, जिनमें एक प्रबल भावावेग निरन्तर जारी रहता है। लगता है कि ये सभी कविताएँ एक किसी बहुत लम्बी
यह लेख जैसा कुछ समयांतर(जून 2008) में छपा हिंदी में भुला देने या उपेक्षा की हिंसक साहित्यिक राजनीति के शिकार हो जाने वाले बड़े कवियों
अमेरिका के छोटे से गणराज्य होंदुरास को दुनिया ने जाना वहां जून में हुए दक्षिणपंथी तख्ता-पलट के बाद। कवि-लेखक-संपादक रॉबर्टो सोसा मध्य अमेरिका के साहित्य
हरेप्रकाश उपाध्याय युवा पीढी के कवियों में एक चर्चित नाम है। उन्हें २००६ का अंकुर मिश्र कविता पुरस्कार मिला है और इस वर्ष उनका पहला
गोया कार से टकराते बचावह आदमी भीकार चलाती स्त्री कोदेखकर मुस्कराया गोया औरत के हाथोंमारा जाना भीकोई सुख हो***शमीम जाड़े की सर्द रातसमय तीन-साढ़े तीन
*** एक पुरानी पोस्ट को फिर से लगा रहा हूँ दोस्तो……. *** (कुछ समय पहले मैंने अनुनाद पर लाल्टू को छापा था और वक्तव्य सहित
आज से कई बरस पहले जब यतींद्र मिश्र ने एक बहुत अच्छी और खुली पत्रिका सहित शुरू की थी तब उसके दूसरे या तीसरे अंक
बोधिसत्व के संग्रह “दुःख-तंत्र” को पढ़ते हुए मेरा ध्यान अचानक इस बात की ओर गया कि आज हमारे इस प्रिय कवि का जन्मदिन है। मैंने