एक पागल आदमी की चिट्ठी – विमलेश त्रिपाठी की लम्बी कविता
विमलेश त्रिपाठी ने इधर, कहानी और कविता, दोनों में अपनी एक महत्वपूर्ण जगह बनाई है। अनुनाद का उनसे आग्रह था कविता के लिए, जिसके जवाब
विमलेश त्रिपाठी ने इधर, कहानी और कविता, दोनों में अपनी एक महत्वपूर्ण जगह बनाई है। अनुनाद का उनसे आग्रह था कविता के लिए, जिसके जवाब
पिछली पोस्ट की तरह यह पोस्ट भी कविताकोश की सहायता से प्रस्तुत की जा रही है। चन्द्रकांत पाटील मराठी के प्रसिद्ध कवि हैं। कविता के
हम कवियों के लिए जगदीश स्वामीनाथन चित्रकला की दुनिया में बहुत परिचित और सम्मानित नाम है। साम्यवादी विचार के हामी और कभी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
अस्वीकार की अनन्य -गिरिराज किराडू देवी प्रसाद मिश्र इंद्र, आप यहाँ से जाएँ तो पानी बरसे मारूत, आप यहाँ से कूच करें तो हवा चले
भोपालवासी कवि-कहानीकार और संगीतज्ञ वन्दना शुक्ल की कविताएं समकालीन स्त्री मुहावरे से बाहर निकलने/होने की जिद से भरी नहीं, बल्कि उसके भीतर अलग स्वर में
मनोज कुमार झा से कविताओं के लिए अनुनाद ने अनुरोध किया था और दो महीने का इन्तज़ार भी। अनुनाद पर अप्रकाशित होने की शर्त और
श्रीकांत दुबे कविता और कहानी के प्रदेश में श्रीकान्त दुबे हमारे ख़ूब जाने-पहचाने प्रतिभावान युवासाथी हैं । मेरी श्रीकांत से एक छोटी-सी मुलाक़ात बनारस में हुई
कवि की तस्वीर रविवार से साभार गिरिराज किराड़ू ने अपने स्तम्भ की दूसरी कविता के रूप में विनोद कुमार शुक्ल की कविता का चयन किया है, जो
प्रशान्त प्रशान्त मेरे लिए परिचित कवि नहीं रहे हैं अब तक। कुछ कविताएं मैंने ब्लागपत्रिकाओं में पढ़ी हैं। उनकी यह लम्बी कविता मुझे साथी अनुनादी
हिंदी कविता की परम्परा में बहुत समर्थ और विचार के लिए अत्यन्त स्वप्नशील कवियों ने भी जीवन में कभी न कभी हताशा, बेबसी, उदासी और